ट्रम्प का दावा- ईरान के खिलाफ जल्द जीत हासिल करेगा अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर दावा किया है कि अमेरिका यह युद्ध “बहुत जल्द” जीत सकता है। रविवार को Fox News से बातचीत में उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त होते ही तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ सकती हैं और युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुंच सकती हैं। यह ट्रम्प का अनुमान है; तेल कीमतों में वास्तविक गिरावट संघर्ष की समाप्ति, आपूर्ति और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
ट्रम्प ने यह भी दोहराया कि अमेरिका का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
मिडटर्म चुनाव से पहले फिर हमले की संभावना
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिडटर्म चुनाव होने हैं। जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या चुनाव से पहले ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई हो सकती है, तो उन्होंने संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि ऐसा होना संभव है, हालांकि उन्होंने किसी नए हमले की तारीख या योजना की घोषणा नहीं की।
इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि अमेरिका ने चुनाव से पहले हमले का फैसला कर लिया है। ट्रम्प के बयान में सैन्य विकल्प खुला रखने की बात सामने आई है।
ईरान ने कहा- युद्ध के लिए भी तैयार, बातचीत के लिए भी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने NBC News को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका देश नए हमलों की स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका के चुनावी कैलेंडर के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। साथ ही, अराघची ने कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कही।
अराघची के मुताबिक, ईरान चाहता है कि उसके फ्रीज किए गए वित्तीय संसाधनों को जारी किया जाए और उसे अपना तेल बेचने की अनुमति मिले। ये मुद्दे दोनों देशों के बीच संभावित समझौते की चर्चा में शामिल हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बना है तनाव
ईरान ने हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से जुड़ा प्रस्ताव दिया था। अमेरिकी पक्ष ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज के अनुसार, ईरान ने प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज की गई संपत्तियों तक पहुंच की मांग की थी। ईरान की ओर से इस प्रस्ताव को कूटनीतिक समाधान के प्रयास के रूप में पेश किया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वहां तनाव जारी रहने से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति तथा कीमतों पर असर पड़ सकता है।
तेल की कीमतों और अमेरिकी राजनीति पर असर
ट्रम्प ने युद्ध खत्म होने के बाद तेल की कीमतों में तेज गिरावट की उम्मीद जताई है। हालांकि, बाजार में कीमतें केवल युद्ध की स्थिति से तय नहीं होतीं; उत्पादन, समुद्री परिवहन, प्रतिबंध और वैश्विक मांग भी महत्वपूर्ण कारक हैं।
Reuters/Ipsos के सितंबर सर्वेक्षण में ट्रम्प की स्वीकृति दर 32% दर्ज की गई थी। सर्वेक्षण में 34% उत्तरदाताओं ने ईरान पर अमेरिकी हमलों का समर्थन किया, जबकि मतदाताओं ने महंगाई और जीवन-यापन की लागत को भी प्रमुख मुद्दा बताया। ये सर्वेक्षण के निष्कर्ष हैं; इनसे चुनाव का परिणाम निश्चित नहीं होता।
आगे क्या?
ट्रम्प के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका युद्ध जल्द समाप्त होने की उम्मीद जता रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रख रहा है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी के साथ बातचीत की संभावना भी बरकरार रखी है।
फिलहाल किसी नए अमेरिकी हमले की तारीख या युद्ध समाप्त होने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के कूटनीतिक संपर्क, होर्मुज की स्थिति और सैन्य गतिविधियां घटनाक्रम की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगी।
निष्कर्ष:
ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ जल्द जीत और युद्ध समाप्त होने पर तेल कीमतों में गिरावट का दावा किया है। साथ ही, उन्होंने मिडटर्म चुनाव से पहले नए हमलों की संभावना से इनकार नहीं किया। ईरान ने युद्ध और कूटनीति—दोनों के लिए तैयार रहने की बात कही है। अभी संघर्ष के अंत या नई सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।