जंग के मैदान में यूक्रेन के रोबोट सैनिक

रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन ने मानवरहित जमीनी वाहनों (Unmanned Ground Vehicles यानी UGVs) का इस्तेमाल बढ़ाया है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने विस्फोटकों और हथियारों से लैस छोटे रोबोटिक वाहन रूसी मोर्चों के पीछे पहुंचाने के लिए बड़े ड्रोन का सहारा लिया।

इस अभियान को ‘ऑपरेशन विवाल्डी’ नाम दिया गया। यूक्रेन की थर्ड आर्मी कॉर्प्स से जुड़ी इकाइयों ने इन रोबोटों का इस्तेमाल रूसी ठिकानों पर हमला करने और किलेबंद पोजीशन को निशाना बनाने के लिए किया।

3,000 रूसी सैनिकों को मारने का दावा

यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान कई महीनों में लगभग 3,000 रूसी सैनिक मारे गए और करीब 48 वर्ग मील क्षेत्र पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया गया। यह आंकड़े यूक्रेनी पक्ष की ओर से दिए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें युद्धक्षेत्र के सत्यापित आंकड़ों के बजाय यूक्रेन के दावे के रूप में देखना चाहिए।

यूक्रेन की थर्ड आर्मी कॉर्प्स ने अभियान के शुरुआती चरणों में सेरेद्ने, शांद्रीहोलोवे और डेरीलोवे गांवों को मुक्त कराने तथा कोरोवी यार, ओलेक्सांद्रिवका, नोवोसेलिवका, यारोवा और ड्रोबिशेवे में रूसी सैनिकों को पीछे धकेलने की जानकारी दी थी।

ड्रोन से रोबोट को रूसी मोर्चे के पीछे पहुंचाया

रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन के बड़े ड्रोन छोटे पहिएदार या ट्रैक वाले जमीनी रोबोट को रूसी मोर्चे के पीछे ले जाकर छोड़ते हैं। इसके बाद ऑपरेटर दूर से इन वाहनों को नियंत्रित करते हैं। कुछ रोबोट विस्फोटकों से लैस होते हैं, जबकि अन्य हथियारों या सैन्य सामग्री को ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

यूक्रेनी सेना के मुताबिक, इन रोबोटों को रात के समय तैनात किया जाता है। इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और ड्रोन-रोधी उपायों के जरिए रूसी निगरानी को बाधित करने की कोशिश की जाती है, ताकि रोबोटों की गतिविधि का पता लगाना मुश्किल हो।

रोबोट केवल हमला करने के लिए नहीं

मानवरहित जमीनी वाहन युद्धक्षेत्र में कई तरह के काम कर सकते हैं। इनका इस्तेमाल गोला-बारूद और रसद पहुंचाने, घायल सैनिकों को निकालने और जोखिम भरे इलाकों में सैन्य सामग्री ले जाने के लिए भी किया जाता है। विस्फोटकों से लैस रोबोट इन वाहनों का एक विशेष सैन्य उपयोग हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध में ऐसे रोबोटों का उपयोग बढ़ रहा है। हालांकि, सीमित गतिशीलता और उत्पादन क्षमता जैसी चुनौतियों के कारण ये हर परिस्थिति में पैदल सैनिकों की जगह नहीं ले सकते।

युद्ध में बदल रही है लड़ाई की रणनीति

यूक्रेन का यह अभियान आधुनिक युद्ध में ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और रोबोटिक वाहनों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। ऐसे उपकरण सैनिकों को सीधे जोखिम वाले क्षेत्र में भेजे बिना कुछ सैन्य कार्य करने का विकल्प देते हैं। लेकिन इनकी प्रभावशीलता, नुकसान और युद्ध के अंतिम परिणाम का आकलन स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी के आधार पर ही किया जा सकता है।

निष्कर्ष:

यूक्रेन ने ‘ऑपरेशन विवाल्डी’ में विस्फोटकों से लैस जमीनी रोबोट और ड्रोन का इस्तेमाल कर रूसी ठिकानों पर हमले किए। यूक्रेनी पक्ष ने लगभग 3,000 रूसी सैनिकों के मारे जाने और कई गांवों पर नियंत्रण वापस लेने का दावा किया है। हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह अभियान युद्ध में रोबोटिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को रेखांकित करता है।