लखनऊ, 30 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने 11 में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा छह सीटें जीतने में सफल रही। खास तौर पर वाराणसी और लखनऊ की स्नातक निर्वाचन सीटों पर सपा की जीत ने राजनीतिक चर्चा बढ़ा दी है। इस पर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एमएलसी चुनाव में पढ़े-लिखे लोगों ने मतदान किया था, इसे विधानसभा चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

ओपी राजभर ने क्या कहा?

ओम प्रकाश राजभर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एमएलसी चुनाव में करीब 14 लाख मतदाता थे और लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ। उनके मुताबिक, इस सीमित मतदाता वर्ग के नतीजों को आधार बनाकर समाजवादी पार्टी यदि विधानसभा चुनाव में जीत का दावा कर रही है, तो यह सही आकलन नहीं है।

राजभर ने कहा, “ये चुनाव आम जनता का नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे लोगों का चुनाव था।” उन्होंने तर्क दिया कि विधानसभा चुनाव में मतदाताओं का दायरा बहुत बड़ा होता है और वहां अलग-अलग वर्गों के लोग मतदान करते हैं। इसलिए एमएलसी चुनाव के परिणामों को विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

वाराणसी और लखनऊ में सपा ने भाजपा को हराया

इस चुनाव में समाजवादी पार्टी को सबसे अधिक चर्चा वाराणसी और लखनऊ की स्नातक सीटों पर जीत के कारण मिली।

  1. वाराणसी स्नातक सीट: सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने 55,046 वोट हासिल कर भाजपा के केदारनाथ सिंह को हराया।
  2. लखनऊ स्नातक सीट: सपा उम्मीदवार कांती सिंह ने भाजपा के अवनीश कुमार सिंह को पराजित किया। कांती सिंह को 51,168 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 36,313 वोट प्राप्त हुए।

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। ऐसे में यहां भाजपा की हार को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं।

भाजपा ने भी स्वीकार की हार पर समीक्षा की बात

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को इससे अधिक सीटें मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने माना कि पार्टी को कुछ सीटों पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

मौर्य ने कहा कि पार्टी परिणामों की समीक्षा करेगी और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए काम करेगी।

2027 विधानसभा चुनाव से जोड़ने पर राजभर की आपत्ति

राजभर ने समाजवादी पार्टी के चुनावी उत्साह पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधान परिषद और विधानसभा चुनावों का मतदाता वर्ग अलग होता है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत स्नातक मतदाता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र शिक्षक मतदान करते हैं। इसके विपरीत विधानसभा चुनाव में संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के सभी पात्र मतदाता वोट डालते हैं।

राजभर का कहना है कि एमएलसी चुनाव के नतीजों को 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानना उचित नहीं है। उन्होंने सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए दावा किया कि विधानसभा चुनाव में व्यापक मतदाता वर्ग की भूमिका अलग होगी। ये उनके राजनीतिक विचार और दावे हैं।

अखिलेश यादव और कांग्रेस पर भी कसा तंज

एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को बधाई देते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी को भी चुनावी प्रदर्शन के लिए बधाई दी है।

राजभर ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कई सीटों पर उम्मीदवार तक नहीं मिले और जहां उम्मीदवार मैदान में थे, वहां पार्टी को सफलता नहीं मिली। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भी सपा को कांग्रेस के प्रदर्शन पर विचार करने की सलाह दी।

यूपी MLC चुनाव का पार्टीवार परिणाम

पार्टीजीती गई सीटें
भाजपा6
समाजवादी पार्टी5
कुल11

निष्कर्ष

यूपी एमएलसी चुनाव में भाजपा ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीती हैं। वाराणसी और लखनऊ की स्नातक सीटों पर सपा की जीत के बाद ओपी राजभर ने इसे पढ़े-लिखे मतदाताओं का जनादेश बताया और विधानसभा चुनाव से अलग रखने की बात कही। अब इस बयान को लेकर सपा और एनडीए नेताओं के बीच राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।