दो इंजेक्शन के बाद भी जिंदा रहीं क्रिस्टा पाइक
अमेरिका के टेनेसी राज्य में मृत्युदंड की प्रक्रिया के दौरान एक असामान्य घटना सामने आई। 50 वर्षीय क्रिस्टा पाइक को घातक इंजेक्शन देने के बाद भी जीवित पाया गया। अधिकारियों ने उन्हें दो बार दवा दी, लेकिन वह सांस लेती रहीं। इसके बाद मृत्युदंड की प्रक्रिया रोक दी गई और उन्हें जेल से बाहर एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
क्या है पूरा मामला?
क्रिस्टा पाइक को 1995 में अपनी सहपाठी कोलीन स्लेमर की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। घटना के समय पाइक 18 वर्ष की थीं। उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी।
30 सितंबर 2026 को टेनेसी में उन्हें घातक इंजेक्शन के जरिए मृत्युदंड देने की प्रक्रिया शुरू हुई। मीडिया रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शियों के विवरण के अनुसार, दो बार दवा दिए जाने के बाद भी पाइक सांस ले रही थीं। बाद में उन्हें चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल ले जाया गया।
गवर्नर ने रोकीं 2026 की बाकी फांसी
घटना के बाद टेनेसी के गवर्नर बिल ली ने 2026 के शेष समय के लिए राज्य में निर्धारित सभी मृत्युदंड रोक दिए। उन्होंने यह पता लगाने के लिए स्वतंत्र और व्यापक समीक्षा के आदेश दिए कि इंजेक्शन की प्रक्रिया में क्या हुआ।
टेनेसी सुधार विभाग ने कहा कि अधिकारियों ने राज्य के निर्धारित मृत्युदंड प्रोटोकॉल का पालन किया। विभाग के मुताबिक, इस्तेमाल की जाने वाली दवा पहले प्रभावी रही है और प्रोटोकॉल में निर्धारित प्रक्रिया से आगे कोई अतिरिक्त कदम शामिल नहीं है।
वकीलों ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल
क्रिस्टा पाइक के वकीलों ने इस घटना को उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृत्युदंड की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस तरह की विफलता ने पाइक के अधिकारों का उल्लंघन किया हो सकता है। वकीलों ने पहले भी उनकी सजा और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को लेकर कानूनी आपत्तियां उठाई थीं।
टेनेसी में पहले भी विफल हुई थी मृत्युदंड प्रक्रिया
यह टेनेसी में 2026 के दौरान मृत्युदंड की दूसरी ऐसी घटना बताई गई है, जिसमें प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी नहीं हो सकी। इस मामले ने राज्य की घातक इंजेक्शन प्रक्रिया और उसकी निगरानी को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं।
निष्कर्ष:
टेनेसी में क्रिस्टा पाइक को दो बार घातक इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद जीवित पाए जाने के बाद मृत्युदंड रोक दिया गया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। गवर्नर ने राज्य में 2026 के बाकी मृत्युदंड स्थगित कर स्वतंत्र समीक्षा के आदेश दिए हैं। फिलहाल घटना की विस्तृत जांच और पाइक की चिकित्सा स्थिति से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार है।