सूर्यकुमार और शमी के मामले पर जाफर ने उठाए सवाल
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने टीम इंडिया के कुछ बड़े खिलाड़ियों के साथ हुए हालिया फैसलों को लेकर अपनी राय रखी है। जाफर का कहना है कि सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद शमी के मामलों को टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं की ओर से बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि सूर्यकुमार को 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के तुरंत बाद कप्तानी और टीम से हटाया जाना ऐसा फैसला था, जिसे अलग तरीके से संभाला जा सकता था। उन्होंने शमी के मामले को भी इसी संदर्भ में उठाया।
वर्ल्ड कप जिताने के बाद सूर्या को किया गया बाहर
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीता था। इसके कुछ ही महीनों बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें टी20 कप्तानी से हटाकर श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया और सूर्यकुमार को टीम से भी बाहर कर दिया।
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने उस समय नए टी20 चक्र के लिए बदलाव का फैसला किया था। बाद में सूर्यकुमार ने खुद बताया कि उन्हें चयनकर्ताओं ने कहा था कि अब “आगे बढ़ने” का समय है।
जाफर ने इसी फैसले के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी के साथ ऐसा बदलाव करने से पहले उसे बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
शमी को लेकर भी नाराजगी
मोहम्मद शमी लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर हैं। उन्हें 2026 की कई टी20 सीरीज में जगह नहीं मिली। चयनकर्ताओं की ओर से उनकी फिटनेस और मौजूदा टीम संयोजन से जुड़े कारणों का उल्लेख किया गया था।
लेकिन जाफर ने शमी के प्रदर्शन और अनुभव को देखते हुए उनके बाहर रहने पर सवाल उठाए। इससे पहले भी उन्होंने शमी के चयन को लेकर अगरकर की सफाई की आलोचना की थी और सवाल किया था कि अगर जसप्रीत बुमराह चोट के बाद लौटते हैं तो क्या उनके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा।
सितंबर में जाफर ने शमी के घरेलू क्रिकेट प्रदर्शन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वह अभी भी भारतीय टीम में वापसी के दावेदार हैं।
रोहित शर्मा को लेकर क्या बोले जाफर?
वसीम जाफर ने रोहित शर्मा के मामले में भी अपनी राय रखी। उनका कहना है कि अगर रोहित 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलते हैं तो टीम को उनके अनुभव का फायदा मिल सकता है।
जाफर ने कहा कि अगर रोहित टीम में बने रहते हैं तो उनका ध्यान निश्चित रूप से 2027 वर्ल्ड कप पर होगा और ऐसे बड़े टूर्नामेंट में उनका अनुभव उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, रोहित की टीम में जगह या उनके भविष्य को लेकर अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का विषय है। जाफर की टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत क्रिकेट राय है।
चयन प्रक्रिया को लेकर जाफर की बड़ी बात
जाफर ने सिर्फ खिलाड़ियों के चयन पर ही सवाल नहीं उठाया, बल्कि चयन प्रक्रिया में सामूहिक निर्णय और बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया।
उनके मुताबिक कप्तान, कोच और चयन समिति के बीच संतुलन जरूरी है। यदि किसी एक व्यक्ति की राय बाकी लोगों पर हावी हो जाए तो समस्या पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े खिलाड़ियों को लेकर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की भावनाएं काफी मजबूत होती हैं।
अगरकर के भविष्य को लेकर भी चर्चा
जाफर की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता के रूप में कार्यकाल को लेकर भी चर्चा चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला है और आगे विस्तार नहीं होगा। हालांकि, उनके जाने के कारणों को लेकर अलग-अलग अटकलें सामने आई हैं।
जाफर ने इस संबंध में किसी एक कारण को निश्चित तौर पर जिम्मेदार नहीं बताया। उन्होंने कहा कि अगर टीम के भीतर अलग-अलग लोगों की राय मजबूत हो जाए तो संतुलन बनाना जरूरी होता है और बाकी चर्चाएं अटकलें हो सकती हैं।
आगे किन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर?
आने वाले समय में तीनों खिलाड़ियों को लेकर अलग-अलग सवाल महत्वपूर्ण रहेंगे:
- रोहित शर्मा: क्या वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक टीम में बने रहते हैं?
- सूर्यकुमार यादव: क्या वह दोबारा टी20 टीम में वापसी कर पाते हैं?
- मोहम्मद शमी: क्या घरेलू क्रिकेट और फिटनेस प्रदर्शन के आधार पर उन्हें फिर भारतीय टीम में मौका मिलता है?
इन सवालों का जवाब चयन समिति के आगामी फैसलों से मिलेगा।
निष्कर्ष
वसीम जाफर ने सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद शमी के मामलों में टीम मैनेजमेंट के फैसलों के तरीके पर सवाल उठाए हैं, जबकि रोहित शर्मा के अनुभव को 2027 वनडे वर्ल्ड कप के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है।
हालांकि ये जाफर की व्यक्तिगत राय है। खिलाड़ियों का चयन, कप्तानी और टीम में भविष्य अंततः चयन समिति और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर निर्भर करेगा।