चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग अमेरिका की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर वॉशिंगटन पहुंच गए हैं। बुधवार, 23 सितंबर को उनके विमान ने वॉशिंगटन के पास स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज पर लैंड किया, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने खुद पहुंचकर उनका स्वागत किया। शी के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी मौजूद थीं।

एयरपोर्ट पर ट्रंप का दुर्लभ स्वागत

शी चिनफिंग के स्वागत के लिए ट्रंप का खुद एयरपोर्ट पहुंचना इस यात्रा का सबसे खास दृश्य रहा। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर स्वागत करना आम प्रोटोकॉल नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसा स्वागत कई दशकों में बेहद दुर्लभ मौकों पर ही हुआ है।

ट्रंप और मेलानिया ने विमान से उतरने के बाद शी चिनफिंग और पेंग लियुआन से हाथ मिलाया। इसके बाद दोनों नेता रनवे पर साथ खड़े हुए, जहां अमेरिकी सैन्य बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए।

रेड कार्पेट से लेकर फाइटर जेट्स तक

शी के स्वागत के लिए एयरबेस पर रेड कार्पेट और सैन्य सम्मान की विशेष व्यवस्था की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, रनवे पर छह F-22 और छह F-16 लड़ाकू विमान भी मौजूद थे। इसके अलावा दो B-1 बॉम्बर विमानों ने एयरबेस के ऊपर फ्लाईपास्ट किया।

यह दृश्य इसलिए भी खास रहा क्योंकि एक तरफ दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष साथ खड़े दिखाई दिए, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन भी देखने को मिला।

तीन दिन तक चलेगा राजकीय दौरा

व्हाइट हाउस के मुताबिक, शी चिनफिंग का राजकीय दौरा 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह के साथ आगे बढ़ेगा। समारोह में 479 सैन्यकर्मी शामिल होंगे और सैन्य प्रदर्शन के बाद एक और फ्लाईओवर होगा। शाम को ट्रंप और मेलानिया की ओर से शी और पेंग के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा।

शुक्रवार को दोनों राष्ट्रपति जोड़ों के बीच चाय कार्यक्रम होगा और इसके बाद वे नेशनल आर्काइव्स जाएंगे। इसके साथ शी की यात्रा समाप्त होगी।

व्यापार, AI और ईरान पर होगी चर्चा

शी और ट्रंप की बातचीत में व्यापार, टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, ईरान और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव कम करने के लिए मौजूदा बातचीत को आगे बढ़ाना भी यात्रा का अहम हिस्सा है।

इस यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच व्यापार युद्धविराम को आगे बढ़ाने की दिशा में भी घोषणा हुई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा व्यापार ट्रूस को जनवरी तक बढ़ाने पर सहमति बनी है।

क्यों खास है यह मुलाकात?

अमेरिका और चीन दुनिया की दो बड़ी आर्थिक और सैन्य शक्तियां हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, AI, ताइवान और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। ऐसे समय में शी चिनफिंग का अमेरिका दौरा और ट्रंप का एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत स्वागत दोनों देशों के संबंधों में इस बैठक के महत्व को दर्शाता है।

हालांकि, इस भव्य स्वागत के बावजूद दोनों देशों के बीच सभी विवादों पर किसी बड़े समझौते की घोषणा अभी नहीं हुई है। अगले दो दिनों में होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों के बाद ही बातचीत के ठोस परिणाम स्पष्ट होंगे।